रावण की मृत्यु के पश्चात मंदोदरी को क्यों करना पड़ा था विभीषण से विवाह?

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महर्षि अगस्त्य के भाई महर्षि विश्रवा ने राक्षसराज सुमाली और ताड़का की पुत्री राजकुमारी कैकसी से विवाह किया था। कैकसी के तीन पुत्र और एक पुत्री थी- रावण, कुम्भकर्ण, विभीषण और सूर्पणखा।

रावण ने दिति के पुत्र मय की कन्या मंदोदरी से विवाह किया, जो हेमा नामक अप्सरा के गर्भ से उत्पन्न हुई थी। विरोचन पुत्र बलि की पुत्री वज्रज्वला से कुम्भकर्ण का और गन्धर्वराज महात्मा शैलूष की कन्या सरमा से विभीषण का विवाह हुआ था।

भगवान शंकर से वरदानभगवान शिव के वरदान के कारण ही मंदोदरी का विवाह रावण से हुआ था। मंदोदरी ने भगवान शंकर से वरदान मांगा था कि उनका पति धरती पर सबसे विद्वान ओर शक्तिशाली हो। मंदोदरी श्री बिल्वेश्वर नाथ मंदिर में भगवान शिव की आराधना की थी, यह मंदिर मेरठ के सदर इलाके में है जहां रावण और मंदोदरी की मुलाकात हुई थी। रावण की कई रानियां थी, लेकिन लंका की रानी सिर्फ मंदोदरी को ही माना जाता था।

मंदोदरी से रावण को पुत्र मिले- अक्षय कुमार, मेघनाद और अतिकाय। महोदर, प्रहस्त, विरुपाक्ष और भीकम वीर को भी उनका पुत्र माना जाता है।.

एक कथा यह है कि रावण की मृत्यु एक खास बाण से हो सकती थी। इस बाण की जानकरी मंदोदरी को थी। हनुमान जी ने मंदोदरी से इस बाण का पता लगाकर चुरा लिया जिससे राम को रावण का वध करने में सफलता मिली। सिंघलदीप की राजकन्या और एक मातृका का भी नाम मंदोदरी था। हालांकि जनश्रुतियों के अनुसार मंदोदरी मध्यप्रदेश के मंदसोर राज्य की राजकुमारी थीं। यह भी माना जाता है कि मंदोदरी राजस्थान के जोधपुर के निकट मन्डोर की थी।

एक अन्य कथा के अनुसार एक बार रावण असुर राज मायासुर से मिलने आया. वह मंदोदरी के रूप पर अत्यंत मोहित हो गया और उसने मायासुर के सामने उससे शादी करने की इच्छा प्रकट की. मायासुर ने रावण के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, लेकिन बाद में रावण जबरन मंदोदरी को उठा ले गया.मंदोदरी यह बात जानती थी कि रावण एक महान शिव भक्त और शक्तिशाली राजा है, और मेरे पिता उसका सामना नहीं कर सकते.

इसलिए उसने आखिरकार रावण के साथ लंका चलने का फैसला कर लिया.उसी दौरान कैलाश में असुर राज मायासुर और उसकी पत्नी कैलाश में तपस्या कर रहे थे. वे दोनों एक पुत्री प्राप्ति के लिए तपस्या कर रहे थे. 12 साल के कठिन तप के बाद जब मंदोदरी अपने वास्तविक रूप में आई तो कुएं में ही रोने लगी. मायासुर और उसकी पत्नी ने जब मधुरा के रोने की आवाज सुनी तो उसे कुएं से बाहर निकाला और अपनी पुत्री के रूप में गोद ले लिया. उन्होंने मधुरा का नाम बदलकर मंदोदरी रख दिया.

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क्यों किया मंदोदरी ने विभिषण से विवाह?

जब रावण सीता का हरण करके लाया था तब भी मंदोदरी ने इसका विरोध कर सीता को पुन: राम को सौंपने का कहा था। लेकिन रावण ने मंदोदरी की एक नहीं सुनी और रावण का राम के साथ भयंकर युद्ध हुआ। ऐसा माना जाता है कि राम-रावण के युद्ध एक मात्र विभिषण को छोड़कर उसके पूरे कुल का नाश हो गया था। रावण की मृत्यु के पश्चात रावण के कुल के विभिषण और कुल की कुछ महिलाएं ही जिंदा बची थी। युद्ध के पश्चात मंदोदरी भी युद्ध भूमि पर गई और वहां अपने पति, पुत्रों और अन्य संबंधियों का शव देखकर अत्यंत दुखी हुई। फिर उन्होंने प्रभु श्री राम की ओर देखा जो आलौकिक आभा से युक्त दिखाई दे रहे थे।

श्रीराम ने लंका के सुखद भविष्य हेतु विभीषण को राजपाट सौंप दिया। अद्भुत रामायण के अनुसार विभीषण के राज्याभिषेक के बाद प्रभु श्रीराम ने बहुत ही विनम्रता से मंदोदरी के समक्ष विभीषण से विवाह करने का प्रस्ताव रखा, साथ ही उन्होंने मंदोदरी को यह भी याद दिलाया कि वह अभी लंका की महारानी और अत्यंत बलशाली रावण की विधवा हैं। कहते हैं कि उस वक्त तो उन्होंने इस प्रस्ताव पर कोई उत्तर नहीं दिया।

मंदोदरी ने जीवन भर रावण को समझाने की कोशिश की. वह यह नहीं चाहती थी कि माता सीता रावण के कैद में रहे. अद्भुत रामायण की माने तो रावण की मौत के बाद वह बहुत दुखी हो गयी, तब भगवान राम ने उन्हें समझाया की वह विश्व विजयी लंकेश की पत्नी थी, उन्हें इस तरह उनकी मौत पर हताश नहीं होना चाहिए. भगवान राम ने लंका के अच्छे भविष्य के लिए उन्हें विभीषण से विवाह करने का सुझाव दिया.

जब कर लिया खुद को महल में किया बंद

जब भगवान राम के इस सुझाव पर मंदोदरी ने क्रोध में आकर खुद को महल के अन्दर बंद कर दिया. जब भगवान राम, माता सीता और हनुमान के साथ अयोध्या आने वाले थे, तो उन्होंने एक बार फिर उसे समझाने का प्रयास किया. कई दिनों तक खुद को कैद में रखने के बाद मंदोदरी ने भगवान राम के सुझाव को मानने में ही अपनी भलाई समझी. लंका के उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें हारकर विभीषण से शादी करनी पड़ी.कुछ समय बाद वह पुन: अपने महल से निकली और विभीषण से विवाह करने के लिए तैयार हो गई।

विश्वास करना मुश्किल है

लेकिन मंदोदरी के बारे में इस बात पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल है। क्योंकि मंदोदरी एक सती स्त्री थी जो अपने पति के प्रति समर्पण का भाव रखती थी ऐसे में मंदोदरी का विभिषण से विवाह करना अपने आप में हैरान करने वाली घटना है।

हालांकि रामायण से इतर की रामायण में ऐसे ही कई अजीब किस्से हैं। यह भी सोचने में आता है कि कुछ समाजों में प्राचीन काल में ऐसा ही प्रचलन था। सुग्रीव ने भी बालि के मारे जाने के बाद उसकी पत्नीं से विवाह कर लिया था।…

इस आलेख में दी गई जानकारी धार्मिक आस्थों ओर लौलिक मान्यताओं पर आधारित है। जिसे मात्र सामान्य जनरूचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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